नैनीताल की टाउन प्लानिंग के लिए उत्तराखंड लैंडस्लाइड मिटिगेशन मैनेजमेंट कंपनी (यूएलएमएमसी) ने अध्ययन शुरू कर दिया है। सेंटर बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) के माध्यम से शहर के करीब एक हजार घरों का भूकंप के दृष्टिकोण से अध्ययन किया जाना है। पहले चरण में यूएलएमएमसी द्वारा भूस्खलन प्रभावित चार्ट्न लॉज और कृष्णापुर के ट्रीटमेंट की योजना पर काम किया जाएगा। ये निर्णय सोमवार को डीएम वंदना की मौजूदगी में हुई बैठक में लिया गया।
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👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)जिला सभागार में हुई बैठक में नगर के जियोलॉजिकल सर्वे की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि टाउन प्लानिंग के लिए योजनाबद्ध रूप से जियोलॉजिकल सर्वे व असुरक्षित स्थानों के चिह्नीकरण के लिए यूएलएमएमसी द्वारा अध्ययन कार्य शुरू कर दिया गया है। सीबीआरआई के साथ अनुबंध हो चुका है।
डीएम वंदना सिंह ने उक्त अध्ययन कार्यों में दोनों संस्थाओं को सहयोग देने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। समन्वय के लिए डीडीए सचिव को नोडल अधिकारी के रूप में नामित किया। डीएम ने मानसून से पूर्व चार्ट्न लॉज और कृष्णापुर के कार्यों का तकनीकी अध्ययन और डीपीआर बनाने के साथ ही काम शुरू कर लेने को कहा।
वीसी ने माध्यम से जुड़े कंपनी के निदेशक डॉ. शांतनु ने बताया कि एजेंसी सर्वेक्षण, मृदा परीक्षण, जियोलॉजिकल मैपिंग, ड्रेनेज सिस्टम और डिजाइन डीपीआर का कार्य किया जाना है। इस कार्य के लिए सैंपल कलेक्शन आदि में प्रशासनिक सहयोग की जरूरत होगी। बैठक में ईई लोनिवि रत्नेश सक्सेना समेत सिंचाई, नगर पालिका, आपदा, जल निगम, प्राधिकरण आदि विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
