📍मथुरा/वृंदावन
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👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर निर्माण को लेकर बीते तीन हफ्तों से जारी विरोध-प्रदर्शन को आज अस्थायी रूप से स्थगित कर दिया गया है। यह निर्णय उस समय लिया गया जब मथुरा की सांसद हेमा मालिनी ने प्रदर्शनकारियों को आश्वस्त किया कि उनकी चिंताओं को सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुँचाया जाएगा।
🕉️ कौन कर रहा था विरोध?
इस विरोध का नेतृत्व बांके बिहारी मंदिर के सेवायत गोस्वामी समुदाय की महिलाएँ कर रही थीं। इनके साथ स्थानीय व्यापारी और श्रद्धालु भी जुड़े हुए थे। उनका मुख्य विरोध सरकार द्वारा प्रस्तावित मंदिर कॉरिडोर परियोजना और मंदिर प्रबंधन के लिए एक नया ट्रस्ट बनाए जाने की योजना के खिलाफ था। सेवायत समुदाय का कहना है कि यह योजना मंदिर की परंपराओं, संरचना और उनके अधिकारों के साथ सीधा हस्तक्षेप है।

🏛️ क्या हुआ आज?
मंगलवार को सेवायत समुदाय की महिलाओं ने वृंदावन स्थित हेमा मालिनी के निवास पर मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सांसद को अपने विरोध के कारण, आशंकाएँ और संभावित धार्मिक, सामाजिक और पारंपरिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
📜 हेमा मालिनी का आश्वासन
सांसद हेमा मालिनी ने प्रदर्शनकारी महिलाओं की बातों को गंभीरता से सुना और आश्वस्त किया कि वे स्वयं इस मुद्दे को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुँचाएँगी और समुदाय की धार्मिक भावनाओं और परंपराओं का सम्मान सुनिश्चित करने का प्रयास करेंगी।
🔇 आंदोलन हुआ अस्थायी रूप से स्थगित
हेमा मालिनी के इस आश्वासन के बाद सेवायत समुदाय की महिलाओं ने फिलहाल अपना विरोध स्थगित करने का निर्णय लिया है, लेकिन यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यदि उनकी चिंताओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को फिर से शुरू किया जाएगा।
🌸 स्थानीय प्रतिक्रिया
स्थानीय व्यापारियों और श्रद्धालुओं ने भी इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन मंदिर की परंपरा और गोस्वामी समुदाय के अधिकारों को सुरक्षित रखने की मांग दोहराई है।
यह मुद्दा अब सीधे सरकार के दरवाजे पर है, और अब देखने वाली बात होगी कि मुख्यमंत्री कार्यालय से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।
