नई दिल्ली, 8 अक्टूबर 2025: उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से भेंट कर राज्य में रेल अवसंरचना के विकास पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर देहरादून और हरिद्वार रेलवे स्टेशनों को आदर्श रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना का प्रस्ताव रखा।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से कहा कि हरिद्वार-देहरादून रेल लाइन का दोहरीकरण किया जाना चाहिए और इस परियोजना के सम्पूर्ण व्ययभार को केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाना चाहिए। केंद्रीय रेल मंत्री ने इस पहल को सकारात्मक दृष्टिकोण से लिया और कहा कि इस पर व्यवहारिक परीक्षण कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने टनकपुर-बागेश्वर रेल परियोजना में अल्मोड़ा और सोमेश्वर क्षेत्रों को जोड़ने की संभावना पर भी चर्चा की। उन्होंने परियोजना में टनल और सड़क दोनों का प्रावधान करने की आवश्यकता पर बल दिया। रेल मंत्री ने इसे गंभीरता से लेने और विचार करने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के पुराने रेलवे स्टेशन को पूर्णतः बंद करने और उसकी भूमि के सभी अधिकार राज्य सरकार को हस्तांतरित करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यदि योग नगरी रेलवे स्टेशन पर संचालन के लिए अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी, तो राज्य सरकार इसे प्रदान करने और सहयोग करने के लिए तैयार है। केंद्रीय रेल मंत्री ने इस पर सैद्धांतिक सहमति दी।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने देहरादून-टनकपुर वीकली ट्रेन को सप्ताह में तीन बार संचालित करने का अनुरोध किया। केंद्रीय रेल मंत्री ने इस पर भी सहमति जताई, जिससे राज्यवासियों और यात्रियों को रेल यात्रा में सुविधा और गति मिलेगी।
इस बैठक में मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के रेल नेटवर्क के सर्वांगीण विकास और यात्रियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में रेल अवसंरचना को आधुनिक और आदर्श बनाने के लिए राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर हर संभव प्रयास करेगी।
उत्तराखण्ड के लिए यह बैठक एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है, क्योंकि इससे रेललाइन विस्तार, स्टेशन उन्नयन और यात्री सुविधाओं में सुधार के रास्ते और स्पष्ट हो जाएंगे।