देहरादून: शराबी थानेदार पर गढ़वाल आईजी राजीव स्वरूप का डंडा – अब थानों में साफ छवि ही बनेगी तैनाती की कसौटी

देहरादून, 03 अक्टूबर:
उत्तराखंड पुलिस महकमे में सख्ती का नया अध्याय शुरू हो गया है। देहरादून में एक थानेदार द्वारा शराब पीकर ड्यूटी करने और सड़क हादसे के मामले में लापरवाही बरतने की घटना ने पूरे सिस्टम को हिला दिया। इस गंभीर प्रकरण पर गढ़वाल आईजी राजीव स्वरूप ने सीधे मोर्चा संभालते हुए न सिर्फ दोषियों पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए, बल्कि साफ-सुथरी पुलिसिंग की नई राह भी तय कर दी है।

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जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर

सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को धरातल पर उतारने के लिए आईजी स्वरूप ने एसएसपी और अधीनस्थ अधिकारियों की बैठक में साफ कहा— “मित्र पुलिस की छवि को धूमिल करने वाले अपवाद अब कतई बर्दाश्त नहीं होंगे।”
उनका संदेश स्पष्ट था: जनता के भरोसे पर खरा उतरना ही पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

निष्पक्ष जांच और जवाबदेही तय

ड्यूटी के दौरान शराब पीने वाले थानेदार प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए मामला एसपी ट्रैफिक को सौंपा गया है। साथ ही, सभी दारोगा और इंस्पेक्टरों की प्रोफाइलिंग तैयार करने का आदेश दिया गया है। एक सप्ताह के भीतर यह रिपोर्ट डीआईजी कानून व्यवस्था को सौंपी जाएगी, जिससे यह तय हो सके कि किस अधिकारी की छवि और कार्यशैली किस स्तर की है।

नई तैनाती में लगेगी छवि की कसौटी

राजपुर थाने में नए थानेदार की तैनाती पर आईजी स्वरूप ने फिलहाल रोक लगा दी है। उन्होंने साफ कहा कि अब से थाने और कोतवाली का नेतृत्व वही अधिकारी कर पाएंगे जिनकी छवि बेदाग है और जिनके पास जनता से जुड़कर बेहतर पुलिसिंग की क्षमता है। इस कदम को पुलिस महकमे में “बड़ी छंटनी की शुरुआत” माना जा रहा है।

सरकारी फोन उठाना अब अनिवार्य

बैठक में एक और अहम मुद्दा उठा— थानेदारों का सरकारी फोन न उठाना। आईजी स्वरूप ने इसे बेहद गंभीर माना और चेतावनी दी कि अब हर थाना प्रभारी और कोतवाल को सरकारी फोन उठाना ही होगा। अगर लापरवाही हुई तो सीधी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा, “रेंज स्तर पर भी लगातार शिकायतें मिल रही हैं। यह स्थिति अब बर्दाश्त नहीं होगी।”

पुलिस महकमे में मचा हलचल, जनता ने जताई राहत

इस सख्ती से पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। कई थानेदारों पर यह सीधा संदेश है कि अब पुरानी कार्यशैली नहीं चलेगी। वहीं, जनता में इस फैसले को लेकर राहत और संतोष दिख रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर पुलिस का नेतृत्व साफ-सुथरे हाथों में होगा तो न सिर्फ अपराध नियंत्रण होगा, बल्कि जनता का भरोसा भी और मजबूत होगा।

मित्र पुलिस की छवि को नया आयाम

गढ़वाल आईजी की इस पहल को सिर्फ अनुशासनिक सुधार नहीं, बल्कि पुलिसिंग की नई सोच माना जा रहा है। इसका सीधा असर पुलिस-जनता संबंधों पर पड़ेगा और आने वाले समय में मित्र पुलिस की छवि को नया आयाम मिलेगा।

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