देहरादून, 08 अक्टूबर 2025 —
सबसे पहले और सटीक खबरें पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें
👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)उत्तराखंड के पर्वतीय किसानों को बाजार से सीधे जोड़ने की दिशा में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) एक सराहनीय पहल करने जा रहा है। नाबार्ड देहरादून द्वारा 9 से 10 अक्टूबर 2025 तक अपने कार्यालय परिसर में दो दिवसीय ‘सेब महोत्सव 2.0’ का आयोजन किया जा रहा है।
इस आयोजन का उद्देश्य राज्य के सेब एवं कीवी उत्पादक किसानों और कृषक उत्पादक संगठनों (FPOs) को एक ऐसा मंच देना है, जहां वे अपने उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचा सकें। नाबार्ड ने पिछले वर्ष आयोजित ‘सेब महोत्सव 1.0’ में जबरदस्त सफलता हासिल की थी, उसी प्रेरणा से इस बार आयोजन को और बड़े स्तर पर विस्तारित किया जा रहा है।
नाबार्ड उत्तराखंड में लंबे समय से लघु एवं सीमांत किसानों के सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रहा है। संस्था किसानों को कृषक उत्पादक संगठन (FPOs) और स्वयं सहायता समूह (SHGs) के माध्यम से तकनीकी सहायता, विपणन समर्थन और ब्रांडिंग के अवसर उपलब्ध करा रही है।
‘सेब महोत्सव 2.0’ में नाबार्ड समर्थित हर्षिल घाटी के कृषक उत्पादक संगठन द्वारा उत्पादित ‘ए’ ग्रेड रॉयल डिलीशियस, रेड डिलीशियस और गोल्डन डिलीशियस सेब प्रदर्शित किए जाएंगे। साथ ही कपकोट क्षेत्र के किसानों द्वारा प्राकृतिक विधियों से उगाई गई कीवी भी बिक्री के लिए उपलब्ध होगी।
इसके अतिरिक्त इस महोत्सव में उत्तराखंड के विशिष्ट पर्वतीय उत्पादों — जैसे अखरोट, राजमा, जूस, अचार, जीआई टैग वाले उत्पाद, जड़ी-बूटियाँ और हस्तशिल्प — को भी प्रदर्शित किया जाएगा। इन उत्पादों को राज्य के विभिन्न कृषक उत्पादक संगठनों और स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किया गया है।
इस आयोजन से न केवल किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्त करने का अवसर मिलेगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी उत्तराखंड की पर्वतीय धरती से जुड़े शुद्ध, जैविक और प्रामाणिक उत्पादों का अनुभव होगा। नाबार्ड का यह प्रयास स्थानीय कृषि को स्थायी आर्थिक मॉडल की दिशा में अग्रसर करने वाला साबित हो सकता है।
