देहरादून, 25 सितंबर 2025:
सबसे पहले और सटीक खबरें पाने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें
👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने यह साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में प्रशासन केवल आदेश जारी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि मैदान में उतरकर भी जनता के साथ खड़ा है। आपदा प्रभावित किमाड़ी-कंडरियाणा गांव में पहुंचकर डीएम ने प्रशासनिक कुशलता और तत्परता का ऐसा उदाहरण पेश किया, जिसकी चर्चा अब पूरे प्रदेश में हो रही है।
दुर्गम रास्तों को पार कर पहुंचे प्रभावितों तक
लगभग 5 किलोमीटर विकट और दुर्गम पैदल मार्ग पार करते हुए डीएम बंसल प्रशासनिक अमले के साथ प्रभावित कंडरियाणा पहुंचे। रास्ते में गाड़-गदेरे, भूस्खलन क्षेत्र और उफनती धौंड-ढंगार पार करते हुए उन्होंने ग्रामीणों की पीड़ा साझा की। यह सिर्फ़ औपचारिकता नहीं, बल्कि एक जमीनी स्तर का नेतृत्व था, जिसने प्रभावितों का हौसला बढ़ाया।
दो दिन में बहाल होंगी मूलभूत सुविधाएँ
डीएम ने स्पष्ट आदेश दिए कि खेत-खलिहान, निजी भवन, ग्रामीण मार्ग, पुलिया, बिजली और पानी की आपूर्ति अगले दो दिनों में पूरी तरह दुरुस्त कर दी जाए। उन्होंने चेताया कि राहत एवं रेस्टोरेशन कार्यों में किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
विस्थापन और मुआवजा पर तेज़ कदम
भारी भूस्खलन और नदी कटाव के कारण गांव के 11 भवनों पर खतरा मंडरा रहा है। इसे देखते हुए डीएम ने विस्थापन की प्रक्रिया शुरू करने के लिए समिति गठित की और प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि उन्हें हरसंभव सहायता मिलेगी।
साथ ही उन्होंने तहसीलदार और लोक निर्माण विभाग को तुरंत मकानों का सर्वे करने और प्रभावितों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए।
सड़क और जल आपूर्ति बहाल करने की प्राथमिकता
- किमाड़ी से भीतरली कंडरियाणा तक 8.4 किलोमीटर मोटर मार्ग 13 स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। डीएम ने 28 सितंबर तक मार्ग सुचारु करने का निर्देश दिया।
- जल संस्थान को पेयजल लाइन रेस्टोरेशन का कार्य तेज़ करने के आदेश दिए गए। फिलहाल ग्रामीणों को वैकल्पिक व्यवस्था से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
- सिंचाई विभाग को क्षतिग्रस्त गूल की मरम्मत हेतु प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया।

राशन और राजस्व समाधान
ग्रामीणों की शिकायत पर कि राशन कार्ड में नाम नहीं जुड़ पा रहे हैं, डीएम ने तुरंत निर्णय लेते हुए गांव में कल ही शिविर लगाने का आदेश दिया। साथ ही, उन्होंने राजस्व व कृषि विभाग के अधिकारियों को गांव में कैंप कर समस्याओं का निस्तारण करने के निर्देश दिए।
प्रशासन की कुशलता का जमीनी सबूत
पूरा प्रशासनिक अमला—मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, डीएसओ केके अग्रवाल, सिंचाई, विद्युत और सड़क विभाग के अधिकारी—डीएम के साथ मौके पर मौजूद रहे।
डीएम ने साफ कहा, “जब तक अंतिम व्यक्ति तक राहत और मूलभूत सुविधाएँ नहीं पहुँच जातीं, तब तक चैन से बैठना संभव नहीं। प्रशासन का हर विभाग प्रभावितों की सेवा में तत्पर है।”
