देहरादून ट्रैफिक पुलिस बनी फरिश्ता, जलती बस से बचीं 50 जिंदगियाँ

देहरादून 19 दिसंबर
देहरादून में यातायात पुलिस की सतर्कता और त्वरित निर्णय ने एक बड़े हादसे को समय रहते टाल दिया। 18 दिसंबर 2025 को आईएसबीटी क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान ट्रैफिक पुलिस टीम ने धुएं से घिरी एक बस को देखकर तुरंत कार्रवाई की, जिससे 50 छात्रों की जान सुरक्षित बचाई जा सकी।


ड्यूटी के दौरान दिखा खतरा

प्रभारी निरीक्षक सीपीयू नरेश कुमार, कांस्टेबल गौरव कुमार और कांस्टेबल अरुण गिरी आईएसबीटी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था संभाल रहे थे। करीब 11:30 बजे सेंट ज्यूड्स चौक पर शिमला बाईपास की ओर से आ रही एक बस से तेज धुआं निकलता दिखाई दिया। हालात की गंभीरता को समझते हुए टीम ने बिना देरी किए बस को सड़क किनारे रुकवाया।


जलती बस में फंसे थे छात्र

बस रुकते ही उसमें आग लगने की पुष्टि हो गई। बस संख्या DD01Z-9539 में तमिलनाडु से ऑल इंडिया टूर पर आए करीब 50 छात्र सवार थे। आग तेजी से फैल रही थी और बस 50 से 60 प्रतिशत तक जल चुकी थी। ऐसी स्थिति में किसी भी तरह की देरी जानलेवा हो सकती थी।


जान की परवाह किए बिना बचाव अभियान

यातायात पुलिस कर्मियों ने बिना अपनी सुरक्षा की चिंता किए जलती बस में प्रवेश किया और एक-एक कर सभी छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला। हालांकि छात्रों का सामान बस में ही रह गया, लेकिन सबसे अहम बात यह रही कि सभी छात्र पूरी तरह सुरक्षित रहे और कोई जनहानि नहीं हुई।


मौके पर मौजूद लोगों ने की सराहना

घटना के समय आसपास मौजूद लोगों ने ट्रैफिक पुलिस की तत्परता और साहस की खुले तौर पर प्रशंसा की। लोगों का कहना था कि अगर कुछ मिनट की भी देरी होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।


पुलिस का बयान

एसपी ट्रैफिक लोकजीत सिंह ने कहा कि बस से धुआं निकलता देख ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। प्राथमिकता छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने की थी और टीम ने पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना कर्तव्य निभाया।

 

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