चमोली/देहरादून –
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👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)उत्तराखंड सरकार ने जोशीमठ आपदा प्रभावित क्षेत्र में स्थायी समाधान की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले के जोशीमठ में आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए ₹516 करोड़ की ढलान स्थिरीकरण कार्य योजना (slope stabilisation work plan) को मंजूरी दी है। इसके साथ ही इस योजना के तहत ₹40 करोड़ की पहली किश्त भी जारी कर दी गई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से जारी जानकारी के अनुसार, यह राशि विशेष रूप से उन इलाकों में भू-स्खलन और ज़मीनी दरक की गंभीर समस्या से निपटने के लिए खर्च की जाएगी, जहाँ लोग लंबे समय से भय और असुरक्षा के साए में जीवन व्यतीत कर रहे हैं। ढलानों की वैज्ञानिक पद्धति से मरम्मत, ड्रेनेज सुधार, रिटेनिंग वॉल्स और ग्राउंड इंजीनियरिंग तकनीकों के ज़रिये जोशीमठ को फिर से सुरक्षित और स्थिर बनाने की दिशा में यह परियोजना अहम मानी जा रही है।
जल जीवन मिशन के लिए भी मिला बड़ा वित्तीय समर्थन
मुख्यमंत्री धामी ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रहे कार्यों को गति देने हेतु केंद्र सरकार से प्राप्त होने वाली राशि के मद्देनजर ₹200 करोड़ की राशि पुनर्विनियोजन (reappropriation) के माध्यम से मंजूर की है। यह निर्णय इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य को साकार करने में अहम भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने यह राशि अग्रिम रूप से इस आशा में स्वीकृत की है कि जल्द ही केंद्र सरकार से इसकी प्रतिपूर्ति कर दी जाएगी।
धामी सरकार की आपदा प्रबंधन पर प्रतिबद्धता
जोशीमठ भूधंसाव त्रासदी के बाद राज्य सरकार लगातार राहत एवं पुनर्वास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है। धामी सरकार द्वारा slope stabilisation जैसे दीर्घकालिक समाधान को तवज्जो देना इस बात का संकेत है कि सरकार केवल तात्कालिक राहत तक सीमित नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसी आपदाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु गंभीर है।
यह योजना न केवल भू-स्खलन जैसे प्राकृतिक खतरों को नियंत्रित करेगी बल्कि प्रभावित परिवारों को दोबारा सामान्य जीवन में लौटने की राह भी खोलेगी।
