उत्तराखंड में गंगा की लहरों पर रोमांच का सफर इस बार समय से पहले ही थम गया है. इसकी वजह मुनिकी रेती कौड़ियाला इको टूरिज्म क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने और फ्लड आना है. जिसकी वजह से रिवर राफ्टिंग को बंद कर दिया गया है. यह कदम सैलानियों की सुरक्षा को देखते हुए उठाया गया है.
गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति टिहरी के सचिव जसपाल चौहान ने बताया कि उत्तराखंड में मानसून ने दस्तक दे दी है. पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश हो रही है. बारिश की वजह से गंगा का जलस्तर दिनों दिन तेजी से बढ़ रहा है. गंगा जल में फ्लड भी आ रहा है. ऐसी स्थिति में गंगा में राफ्टिंग करना खतरे से खाली नहीं है.
पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए आज यानी 24 जून से गंगा में राफ्टिंग को बंद कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि हर साल 30 जून को गंगा में राफ्टिंग का अंतिम दिन होता था और 1 जुलाई से गंगा में राफ्टिंग कराने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया जाता था.इस साल बारिश और गंगा में बढ़े जलस्तर को देखते हुए हफ्ते भर पहले राफ्टिंग को बंद किया गया है. उन्होंने बताया कि सितंबर महीने में गंगा के जलस्तर को देखने के बाद टेक्निकल टीम जब हरी झंडी देगी, तब फिर से गंगा में राफ्टिंग का संचालन शुरू कराया जाएगा.