कसीबुग्गा (श्रीकाकुलम), आंध्र प्रदेश — 01 नवम्बर 2025
एकादशी की रात वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में जोश, भक्ति और आस्था का माहौल था — लेकिन कुछ ही मिनटों में सब कुछ बदल गया। भक्तों की भारी भीड़ के बीच भगदड़ मच गई, और पलभर में उत्सव त्रासदी में बदल गया। इस हादसे में कम से कम 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
🔥 क्या हुआ था मंदिर में?
एकादशी पर्व पर वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में इस बार भक्तों की संख्या उम्मीद से कहीं ज़्यादा थी। सुबह से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी थीं। प्रशासन ने बैरिकेड लगाकर भीड़ को संभालने की कोशिश की, लेकिन भीड़ इतनी बढ़ गई कि नियंत्रण टूट गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भगदड़ उस वक्त मची जब एक ओर आरती चल रही थी और दूसरी तरफ लोग ‘प्रसाद’ लेने के लिए धक्का-मुक्की कर रहे थे। किसी के गिरते ही अफरातफरी फैल गई — कुछ ही सेकंड में सैकड़ों लोग इधर-उधर भागने लगे।
🚑 मौके पर हड़कंप, राहत कार्य शुरू
हादसे के बाद मंदिर परिसर में चीख-पुकार मच गई। पुलिस, फायर सर्विस और NDRF की टीमें तुरंत एक्शन में आईं। घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। जिला प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
जिलाधिकारी ने बताया, “स्थिति अब कंट्रोल में है, सभी राहत कार्य जारी हैं।”
🕊️ CM ने जताया दुख, जांच के आदेश
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया और ट्वीट कर कहा —
“यह बेहद दर्दनाक है कि आस्था का पर्व ऐसी त्रासदी में बदल गया। घायलों का पूरा इलाज कराया जाएगा और हादसे की जांच के निर्देश दे दिए गए हैं।”
राज्य सरकार ने उच्च स्तरीय जांच का आदेश जारी किया है ताकि भीड़ प्रबंधन में हुई किसी भी चूक की पहचान हो सके।
⚖️ भीड़ प्रबंधन पर फिर उठे सवाल
मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर हर साल भीड़ बढ़ती जा रही है, लेकिन सुरक्षा प्रबंधन वहीं के वहीं हैं। सवाल वही पुराना है — क्या हमारी आस्था से जुड़ी जगहें वाकई सुरक्षित हैं?
श्रद्धा जरूरी है, पर सुरक्षा उससे भी ज्यादा। क्योंकि आस्था तब तक पवित्र है, जब तक वह किसी की जान न ले।