उत्तराखंड में ‘शिक्षा संवाद चिंतन शिविर’ का आज से आगाज़ — विकसित भारत और समृद्ध उत्तराखंड के लिए उच्च शिक्षा का नया दृष्टिकोण

देहरादून, 8 अक्टूबर 2025:

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उत्तराखंड की राजधानी देहरादून आज से उच्च शिक्षा के भविष्य की दिशा तय करने जा रही है। राज्य सरकार के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित दो-दिवसीय ‘शिक्षा संवाद चिंतन शिविर’ का शुभारंभ 8 अक्टूबर 2025 से हो रहा है। इस राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का उद्देश्य है — ‘विकसित भारत एवं समृद्ध उत्तराखंड’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए उच्च शिक्षा की पुनर्परिकल्पना और उसके व्यावहारिक स्वरूप पर मंथन।


उच्च शिक्षा के भविष्य का खाका बनेगा देहरादून में

इस दो दिवसीय शिविर को उत्तराखंड सरकार की एक दूरदर्शी पहल माना जा रहा है, जिसका मकसद राज्य की शिक्षा प्रणाली को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था, डिजिटल भारत, और रोजगारोन्मुख शिक्षा की ओर रूपांतरित करना है।

कार्यक्रम स्थल पर सुबह 9:30 बजे से 10:30 बजे तक पंजीकरण होगा, जिसके बाद 10:30 बजे उद्घाटन सत्र का आगाज़ होगा।
इस सत्र पर पूरे शिक्षा जगत की निगाहें टिकी हैं, क्योंकि इसमें देश के शीर्ष शिक्षाविद्, कुलपति, आईआईटी और आईआईएम के निदेशक, नीति-निर्माता और सरकारी अधिकारी एक मंच पर अपनी दृष्टि साझा करेंगे।


उद्घाटन सत्र में मुख्यमंत्री धामी और मंत्री धन सिंह रावत करेंगे संबोधन

‘विकसित भारत और समृद्ध उत्तराखंड हेतु उच्च शिक्षा का पुनः परिकल्पन’ विषय पर आधारित उद्घाटन सत्र में:

  • मुख्य अतिथि होंगे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी, जो राज्य की शिक्षा नीतियों के भविष्य की दिशा पर अपने विचार रखेंगे।
  • विशिष्ट अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत संबोधित करेंगे, जो राज्य की नई उच्च शिक्षा योजनाओं और सुधारों की रूपरेखा प्रस्तुत करेंगे।
  • स्वागत एवं विषय प्रस्तावना उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, उत्तराखंड शासन के सचिव डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा द्वारा की जाएगी, जो शिविर के उद्देश्य और एजेंडा पर प्रकाश डालेंगे।

चिंतन शिविर का एजेंडा: शिक्षा में नवाचार से नीति तक

दो दिनों तक चलने वाला यह चिंतन शिविर उच्च शिक्षा के हर पहलू पर गहन विचार-विमर्श का मंच बनेगा।
पहले दिन का फोकस रहेगा —

  • ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था (Knowledge Economy)
  • उच्च शिक्षा में उद्यमिता और रोजगार के अवसर
  • इंडस्ट्री-एकेडेमिया लिंकेज जैसे विषयों पर।
    इन सत्रों में विशेषज्ञ यह साझा करेंगे कि किस तरह उच्च शिक्षा को बाजार की जरूरतों, नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति से जोड़ा जा सकता है।

दूसरे दिन (9 अक्टूबर 2025) का एजेंडा होगा —

  • डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और ब्लेण्डेड लर्निंग
  • परीक्षा एवं मूल्यांकन सुधार
  • भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) का पाठ्यक्रमों में एकीकरण।
    इन सत्रों में शिक्षा के डिजिटल भविष्य, परीक्षा प्रणाली के आधुनिकीकरण और भारतीय ज्ञान की जड़ों से आधुनिक शिक्षा के समन्वय पर मंथन होगा।

उच्च शिक्षा सुधारों की दिशा में निर्णायक कदम

‘शिक्षा संवाद चिंतन शिविर’ के निष्कर्ष राज्य के उच्च शिक्षा विभाग के लिए नीति निर्माण का आधार बनेंगे।
यह शिविर न केवल विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के लिए एक साझा मंच है, बल्कि यह उत्तराखंड की नई “शिक्षा नीति दृष्टि 2047” की नींव भी रखेगा।
यह पहल राज्य को एक ऐसे मॉडल राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में अग्रसर है, जहाँ शिक्षा केवल डिग्री नहीं बल्कि आत्मनिर्भरता, रोजगार और नवाचार का आधार बने।

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