उत्तराखंड में बड़ा लैंडस्लाइड हुआ है. लैंडस्लाइड के मलबे की चपेट में BRO का बनाया पुल आ गया है. मलारी बॉर्डर हाईवे के समीप पहाड़ी से चट्टान दरक गई. मलबे ने अपनी चपेट में पुल को भी ले लिया. पुल टूटने से मलारी हाईवे बाधित हो गया है. ये हाईवे सेना को चीन बॉर्डर से कनेक्ट करता है.
पिछले सप्ताह हुई बारिश के बाद चमोली जनपद में पुल टूटने की दूसरी घटना सामने आई है. बुधवार को पहला पुल गोविंद घाट के पास हेमकुंड साहिब को जोड़ने वाला टूटा था. उसकी लंबाई 110 फीट थी. वहीं गुरुवार देर रात को मलारी राष्ट्रीय राजमार्ग पर पनघटी नाले के ऊपर बना बीआरओ का 52 फीट लंबा पुल अचानक पर हुए लैंडस्लाइड के मलबे की चपेट में आने से टूट गया है. इससे सीमावर्ती इलाकों में आवागमन बंद हो गया है. बीआरओ के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही मौके पर पहुंच कर वैली ब्रिज का निर्माण किया जाएगा.

जोशीमठ मलारी बॉर्डर हाईवे के समीप पहाड़ी से चट्टान दरकने के बाद पुल टूटने से मलारी नीति हाईवे पर वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई है. नीती घाटी का संपर्क फिलहाल जिला मुख्यालय से कट गया है. दो दिन पहले भी इसी तरह लैंडस्लाइड हुआ था. तब लैंडस्लाइड के मलबे से गोविंद घाट में अलकनंदा नदी के ऊपर बना मोटर पुल ध्वस्त होकर नदी में समा गया था.
जुलाई 2023 में पीडब्ल्यूडी ने एक ब्रिज सेफ्टी ऑडिट कराया था. लोक निर्माण विभाग के ब्रिज सेफ्टी ऑडिट में उत्तराखंड के 75 पुलों को असुरक्षित माना गया था. इनमें हरिद्वार के 6 पुल भी शामिल थे. चिंता की बात ये थी कि इनमें से कुछ पुल नेशनल हाइवे के ऊपर भी बने हुए हैं. हरिद्वार के जर्जर पुलों में से एक रोशनाबाद बिहारीगढ़ राजमार्ग पर स्थित पुल था. जिस पर यातायात पूरी तरह से बंद किया गया था. इसके अलावा फतेहपुर खेड़ी और शिकोहपुर सिकरोड़ा मार्ग पर स्थित पुल पर भी यातायात बंद किया गया था. हालांकि तीन दिन के अंदर चमोली जिले में जो दो पुल टूटे हैं, वो लैंडस्लाइड के मलबे की चपेट में आने से टूटे हैं.