देहरादून, 11 अक्टूबर 2025।
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👉 अभी ज्वाइन करें (Join Now)मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम में भाग लेकर प्रदेश की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य को प्रोत्साहित किया। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में 326 मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन प्रदान किए गए। साथ ही जनपद स्तर पर हाईस्कूल और इंटरमीडियट की परीक्षा में टॉप करने वाली तीन-तीन बालिकाओं तथा विकासखण्ड स्तर पर टॉपर बालिकाओं को मुख्यमंत्री द्वारा पुरस्कृत किया गया।
मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि इस वर्ष भी बेटियों ने अपनी मेहनत, प्रतिभा और संकल्प के बल पर बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। उन्होंने बताया कि हाईस्कूल की परीक्षा में कुल सफलता दर 90 प्रतिशत रही, जिसमें बालिकाओं का सफलता प्रतिशत 93 प्रतिशत से अधिक रहा। वहीं इंटरमीडियट परीक्षा में कुल 83 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए, जिसमें बालिकाओं का सफलता प्रतिशत 86 प्रतिशत से अधिक रहा।

नारी शक्ति और प्रदेश की प्रगति
मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की प्रगति नारी शक्ति से होती है। यदि किसी राज्य की नारी शक्ति प्रगति कर रही है, तो उस राज्य के विकास को कोई भी ताकत रोक नहीं सकती। उन्होंने कहा कि शिक्षित बेटियाँ आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवारती हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से राज्य सरकार ने महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री नारी सशक्तिकरण योजना, मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना, मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना, नंदा गौरा योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से बेटियाँ सरकारी सेवाओं में चयनित हो रही हैं और स्वयं सहायता समूह, स्टार्टअप एवं लघु उद्योगों के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, बालिका समृद्धि योजना जैसी योजनाओं से बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित की जा रही है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम, उज्ज्वला योजना, लखपति दीदी योजना जैसी पहलों के माध्यम से मातृशक्ति का सम्मान भी किया गया है।

शिक्षा के लिए विशेष प्रयास
धामी ने कहा कि महिला छात्रावास का निर्माण, मुफ्त साइकिल योजना और बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम जैसी पहलों के माध्यम से प्रदेश में बालिकाओं को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य में देश का सबसे कठोर नकल-विरोधी कानून लागू किया गया है, जिससे पिछले 4 वर्षों में लगभग 25 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी हासिल करने में सफलता मिली है।
मंत्री श्रीमती रेखा आर्या का संबोधन
महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रयासों से महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। उन्होंने बताया कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान ने कन्या जन्म को प्रोत्साहित करने, बालिकाओं की शिक्षा बढ़ाने और महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहन देने में अहम भूमिका निभाई है। राज्य में इस अभियान के बाद बेटियों के लिंगानुपात में भी सुधार हुआ है।
इस अवसर पर विधायक श्रीमती सविता कपूर, राज्य औषधीय पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री प्रताप सिंह पंवार, सचिव श्री चन्द्रेश कुमार और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
यह कार्यक्रम न केवल बेटियों की शिक्षा को प्रोत्साहित करने का माध्यम बना, बल्कि यह भी संदेश दिया कि शिक्षित और सशक्त नारी ही समाज और राज्य की असली शक्ति है। मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की ये पहलें प्रदेश में बालिकाओं को आत्मविश्वास और बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर कर रही हैं।
