हल्द्वानी खेलों की धरती बनकर एक ऐतिहासिक पल की गवाह बनी। पहली बार उत्तराखंड में एशियन कैडेट फेंसिंग कप का भव्य शुभारंभ हुआ, जहां 17 देशों से आए 250 से अधिक खिलाड़ी अपनी कला और प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। शुक्रवार को मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, गौलापार में दीप प्रज्वलित कर इस ऐतिहासिक आयोजन की शुरुआत की।
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मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि खेल अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच की पाठशाला हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उनके प्रयासों से न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरा देश गर्व महसूस करेगा। मुख्यमंत्री ने युवाओं को संदेश दिया कि खेलों के साथ पर्यावरण संरक्षण, पौधारोपण और नशा मुक्ति को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
उत्तराखंड में खेल क्रांति की नई लहर
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएँ लागू की हैं, जिनमें मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना और उदीयमान खिलाड़ी योजना शामिल हैं। हाल ही में खिलाड़ियों को उत्तराखंड खेल रत्न और हिमालय खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया, साथ ही 4% खेल कोटा भी पुनः लागू किया गया है।

राष्ट्रीय खेल दिवस पर उत्कृष्ट खिलाड़ियों को 50-50 लाख रुपए की सम्मान राशि भी दी गई। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड ने हाल ही में राष्ट्रीय खेलों में 103 पदक जीतकर 7वां स्थान हासिल किया है, जो राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।
खेल इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की योजनाएँ
राज्य सरकार ने 517 करोड़ रुपये की लागत से विश्वस्तरीय खेल ढांचा खड़ा करने की दिशा में कार्य किया है। जल्द ही हल्द्वानी में उत्तराखंड का पहला खेल विश्वविद्यालय और महिला स्पोर्ट्स कॉलेज स्थापित होगा। इसके अलावा, प्रदेश में एक स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान लागू कर 23 खेल अकादमियों की स्थापना की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेलो इंडिया और फिट इंडिया मूवमेंट जैसे अभियानों से देश में खेलों की संस्कृति को नई ऊंचाइयाँ मिली हैं।

फेंसिंग खेल का बढ़ता प्रभाव
सीएम धामी ने कहा कि भारत में फेंसिंग की शुरुआत देर से हुई, लेकिन अब यह खेल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अर्जुन अवॉर्ड विजेता भवानी देवी की सफलता के बाद युवा इस खेल की ओर आकर्षित हुए हैं। उन्होंने बताया कि प्राचीन भारत में तलवारबाजी और शस्त्र विद्या शिक्षा का अहम हिस्सा हुआ करती थी, और आज फेंसिंग उसी गौरवशाली परंपरा को आधुनिक रूप में आगे बढ़ा रही है।
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर हल्द्वानी की पहचान
एशियन फेंसिंग परिसंघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में भारत सहित 17 देशों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। तजाकिस्तान, सीरिया, मलेशिया, श्रीलंका, थाईलैंड और इंडोनेशिया जैसे देशों से खिलाड़ी यहां पहुँचे हैं। यह प्रतियोगिता 23 सितंबर तक पांच दिनों तक चलेगी और हल्द्वानी को अंतर्राष्ट्रीय खेल आयोजनों के नक्शे पर विशेष पहचान दिलाएगी।
इस मौके पर राष्ट्रीय फेंसिंग महासंघ के महासचिव राजीव मेहता, विधायक, जनप्रतिनिधि, अधिकारी, खेल प्रेमी और हजारों दर्शक मौजूद रहे।
