आज की पूर्णिमा बेहद खास होने जा रही है। आसमान में चाँद अपनी सामान्य चमक से अलग इस बार लालिमा लिए दमकता दिखा। इस अद्भुत दृश्य को ब्लड मून कहा जाता है। खास बात यह है कि ब्लड मून की पहली तस्वीर भी सामने आ चुकी है, जिसे देखकर खगोल विज्ञान प्रेमियों और आम लोगों में उत्साह की लहर दौड़ गई है।
किन हिस्सों में दिखेगा ब्लड मून?

यह चंद्रग्रहण अफ्रीका, यूरोप, एशिया और ऑस्ट्रेलिया के कई हिस्सों से नजर आएगा। भारत में भी रात के समय लोग इस खूबसूरत खगोलीय घटना के साक्षी बनेंगे।
ब्लड मून क्यों बनता है?
जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा एक सीधी रेखा में आते हैं, तो पृथ्वी की छाया चाँद पर पड़ती है। सूर्य की नीली किरणें वायुमंडल में बिखर जाती हैं और लालिमा लिए किरणें चाँद तक पहुँचती हैं। इसी वजह से चाँद लाल दिखाई देता है।
धार्मिक दृष्टिकोण और सूतक काल

हिंदू मान्यताओं में ग्रहण को शुभ नहीं माना गया है। इस समय सूतक काल मान्य होता है और मांगलिक कार्यों पर रोक लगाई जाती है। शास्त्रों में ग्रहण काल में मंत्र जाप, ध्यान और दान को विशेष फलदायी बताया गया है।
विज्ञान की नज़र से
वैज्ञानिकों का मानना है कि यह पूरी तरह से एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है। इससे पृथ्वी या मानव जीवन पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ता। लेकिन आकाश प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए यह एक शानदार अवसर है।
आज रात जब आप आसमान की ओर देखेंगे तो वहां पूर्णिमा और ब्लड मून की जोड़ी आपकी आँखों को मंत्रमुग्ध कर देगी।