देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी इस साल एक बार फिर भारत के सबसे बड़े कला एवं संस्कृति महोत्सव ‘विरासत’ की मेजबानी के लिए तैयार है। Rural Entrepreneurship for Art and Cultural History (REACH) द्वारा आयोजित यह महोत्सव इस वर्ष अपनी 30वीं वर्षगांठ मना रहा है। यह भव्य 15 दिवसीय उत्सव 4 अक्टूबर से 18 अक्टूबर, 2025 तक ONGC, कौलागढ़ रोड स्थित डॉ. बी. आर. अंबेडकर स्टेडियम में आयोजित होगा।
इस वर्ष महोत्सव की थीम ‘विश्व शांति’ है, और यह आयोजन हिरोशिमा और नागासाकी पर हुए बम धमाकों की 80वीं वर्षगांठ के सम्मान में समर्पित है। महोत्सव का मुख्य उद्देश्य कला और संस्कृति के माध्यम से मानवता और विश्व शांति का संदेश देना है।
कला, संगीत और शिल्प का महासंगम
विरासत महोत्सव कला, शिल्प, संगीत, नृत्य, साहित्य और इतिहास की भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय परंपराओं का उत्सव है। 15 दिनों के इस आयोजन में 40 से अधिक शीर्ष कलाकार और 200 से अधिक शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।
मुख्य आकर्षण:
1. उद्घाटन समारोह:
महोत्सव का शुभारंभ 4 अक्टूबर शाम 7 बजे होगा। इस अवसर पर प्रसिद्ध सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान अपनी कला से मंच सजाएंगे। इसके साथ ही उत्तराखंड का लोक नृत्य छोलिया भी पहली शाम की शोभा बढ़ाएगा।
2. कलाकार और प्रदर्शन:
- हिंदुस्तानी गायन: पंडित उल्हास कशालकर (6 अक्टूबर), पंडित साजन मिश्रा (8 अक्टूबर), जयतीर्थ मेवुंडी (13 अक्टूबर), परवीन सुल्ताना (15 अक्टूबर)।
- वादन कला:
- सितार: अदनान खान (5 अक्टूबर), अनुपमा भागवत (9 अक्टूबर)
- वायलिन: डॉ. एन राजम (11 अक्टूबर), यादनेश रायकर (10 अक्टूबर)
- संतूर: अभय सोपोरी (12 अक्टूबर)
- बांसुरी: प्रवीण गोडखिंडी (13 अक्टूबर), देवप्रिया और शुचिस्मिता चटर्जी (17 अक्टूबर)
- नृत्य: सूफी कथक (मंजरी चतुर्वेदी – 12 अक्टूबर), कुचिपुड़ी (अरुणिमा कुमार – 15 अक्टूबर), कथक (शिंजिनी कुलकर्णी – 16 अक्टूबर, नयनिका घोष – 18 अक्टूबर)
- विशेष संगीत कार्यक्रम: उस्मान मीर लाइव (5 अक्टूबर), उषा उत्थुप ‘लाइव इन कॉन्सर्ट’ (14 अक्टूबर), मनोज तिवारी लाइव (18 अक्टूबर), और उस्ताद अहमद हुसैन मोहम्मद हुसैन द्वारा ‘शाम-ए-ग़ज़ल’ (17 अक्टूबर)।
3. अंतर्राष्ट्रीय और लोक कलाएं:
- उज़्बेकिस्तान और बेलारूस के संगीत समूह
- श्रीलंका का ‘फोक सीलोनिया’
- किर्गिस्तान की महिला बैंड
- गोवा के लोक कला प्रदर्शन
- उत्तराखंड के गढ़वाल, कुमाऊं और जौनसार के लोक संगीत एवं नृत्य
4. युवा और साहित्य:
- विरासत साधना: सुबह के सत्र में स्कूल के छात्रों के लिए प्रदर्शन
- टॉक्स और कार्यशालाएं: संगीत, कला, वास्तुकला और ‘न्यू एज सिनेमा’ पर विशेषज्ञों के साथ संवाद
- मुशायरा: 11 अक्टूबर को पद्म श्री शीन काफ़ निज़ाम, फरहत एहसास और अन्य कवियों के साथ
5. अन्य आकर्षण:
- विंटेज कार और बाइक रैली: 5 और 12 अक्टूबर
- शिल्प ग्राम: 200+ शिल्पकारों के साथ कार्यशालाएं (टेराकोटा, कठपुतली, मधुबनी, ब्लॉक पेंटिंग आदि), प्रदर्शन और बिक्री
- विरासत प्रश्नोत्तरी और शिल्प ट्रेजर हंट
यह महोत्सव ONGC और UPES द्वारा प्रायोजित तथा SBI, न्यू इंडिया एश्योरेंस जैसी संस्थाओं द्वारा समर्थित है।
देहरादून के कला प्रेमियों और पर्यटकों के लिए यह 15 दिन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत में डूबने का सुनहरा अवसर है।