बिहार के सिवान जिले की मिंता देवी, जिनकी उम्र निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची में गलती से 124 साल दर्ज हो गई है, ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी द्वारा संसद में अपनी तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनकर प्रदर्शन करने पर कड़ी आपत्ति जताई है।

मिंता देवी ने एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए सवाल किया, “मेरी तस्वीर वाली टी-शर्ट पहनने का हक इन्हें किसने दिया? ये लोग मेरी उम्र को लेकर मेरे शुभचिंतक क्यों बन रहे हैं?” उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर सरकार मुझे 124 साल की मानती है, तो मुझे वृद्धावस्था पेंशन क्यों नहीं दी जा रही?” मिंता देवी ने अपनी सही जन्मतिथि 15 जुलाई 1990 बताई और निर्वाचन आयोग से गलती सुधारने की मांग की।
विपक्षी दलों, विशेषकर INDIA गठबंधन के सांसदों ने मंगलवार को मिंता देवी के नाम और तस्वीर वाली “124 नॉट आउट” टी-शर्ट पहनकर संसद में प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार की मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हैं और इसे “वोट चोरी” व “चुनावी धांधली” का सबूत बताया।
सिवान जिला प्रशासन और निर्वाचन आयोग ने इसे एक सामान्य टाइपिंग त्रुटि बताते हुए कहा कि मिंता देवी को गलती के बारे में सूचित कर दिया गया है और सुधार के लिए आवेदन प्राप्त हो चुका है। आयोग ने बताया कि 1 सितंबर तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं।
मिंता देवी ने इस पूरे मामले को हल्के-फुल्के अंदाज में लेते हुए कहा, “निर्वाचन आयोग ने मुझे दादी बना दिया।” हालांकि, उन्होंने अपनी निजता के उल्लंघन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उनकी तस्वीर का इस्तेमाल बिना अनुमति के नहीं किया जाना चाहिए था। यह विवाद बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले निर्वाचन आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा कर रहा है।