देहरादून | जुलाई 20:
उत्तराखंड की शांत फिजाओं को कल रात एक जंगली हाथी ने ऐसी दहशत में बदल दिया, जिसे कांवड़ यात्रा के श्रद्धालु ज़िंदगी भर नहीं भूल पाएंगे!
रात के करीब 11 बजे, जब भंडारे में लोग आराम कर रहे थे, तभी अचानक जंगल की ओर से आए एक बड़ा हाथी और उसका बच्चा सीधे कांवड़ शिविर में घुस आए। कुछ समझ पाते उससे पहले ही हाथी ने शिविर में मौजूद कई गाड़ियों को पलट दिया, खाने-पीने का सामान रौंद डाला और तंबुओं को तहस-नहस कर दिया।
🔥 मंजर ऐसा था जैसे कांवड़ शिविर नहीं, कोई युद्ध का मैदान हो!
लोगों ने जान बचाने के लिए भागकर पेड़ों, खंभों और छतों पर शरण ली। चारों तरफ सिर्फ चीख-पुकार थी। महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर लोगों की सांसें अटक गई थीं।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया – “हाथी ने अचानक एक बोलेरो को सूंड़ से उठाकर पटक दिया। हम सब जमीन पर लेट गए। वो किसी को निशाना नहीं बना रहा था, लेकिन पूरा तांडव मचा रहा था।”
🚨 वन विभाग की टीम रातभर रही अलर्ट
सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। मशालों और पटाखों की मदद से हाथी और उसके बच्चे को जंगल की ओर भगाया गया। सौभाग्य से कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन भारी नुकसान हुआ है।
यह कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले कुछ हफ्तों में हाथियों के शहर में दाखिल होने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जंगल में पानी और भोजन की कमी, और इंसानी दखल के चलते हाथी अब आबादी वाले इलाकों का रुख कर रहे हैं।
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